हमारे समाज ये आम धारणा है कि जो लोग रोज एक्सरसाइज करते हैं उनकी सेहत अच्छी रहती है, जो की सच भी है। अक्सर कुछ लोगों को वर्कआउट करने के बाद भी कई थकान और आलस बनी रहती है। इसके पीछे का एक बड़ा कारण अधिक वर्कआउट हो सकता है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
आज के समय बहुत से लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है। अधिकतर लोग अब अच्छी सेहत को प्राथमिकता देते हैं और इसे लंबी उम्र के लिए एक निवेश के तौर पर देखते हैं। मगर कुछ लोग इसी जुनून में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जैसे वे अपनी क्षमता से अधिक मेहनत वाली कसरत करने लगते हैं।
यह ओवरट्रेनिंग न सिर्फ आपकी फिटनेस की प्रगति को रोकती है, बल्कि आपके हार्मोनल संतुलन, इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। जब आप ओवरट्रेनिंग करते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आपके शरीर में लगातार थकान बनी रहती है। ऐसे में अगर आपका शरीर कुछ खास संकेत दे रहा है, तो आप समय रहते इन आदतों को पहचानें और अपनी जुनून और मेहनत को सही तरीके से उपयोग कर सकें। आइए इस लेख में ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
लगातार थकान और नींद की समस्या
ओवरट्रेनिंग का सबसे स्पष्ट संकेत है लगातार थकान बने रहना, जो आराम करने के बाद भी दूर नहीं होती। भले ही आप पूरी रात सोएं, इस स्थिति में आप सुबह तरोताजा महसूस नहीं करेंगे। इसके साथ ही कई लोगों को नींद न आने की शिकायत भी होने लगती है, या उनकी नींद बार-बार टूटती है। यह इसलिए होता है क्योंकि बढ़ा हुआ कोर्टिसोल हार्मोन तंत्रिका तंत्र को अति-सक्रिय रखता है, जिससे शरीर आराम नहीं कर पाता है।
